गुरुजी दरस बिन | Guruji Daras Bin Jiya Mora Tarse Lyrics

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गुरुजी दरस बिन जिया मोरा तरसे, गुरु जी मेरे नैनन में जल बरसे , गुरु जी दरस बिन जियरा मोरा तरसे, मैं पापन अब उनकी रासी, कैसे करें प्रभु निज की दासी, काया कपत है तेरे...
pata nahi kis roop mai akar lyrics

पता नहीं किस रूप में आकार | Pata Nahi Kis Roop Mai Lyrics

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पता नहीं किस रूप में आकार नारायण मिल जाएगा , निर्मल मन के दर्पण में वह राम के दर्शन पाएगा , सांस रुकी तेरे दर्शन को, न दुनिया में मेरा लगता है शबरी बांके...

दुनिया दो दिन का है मेला | Duniya Do Din Ka Hai Mela Lyrics

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दुनिया दो दिन का है मेला, जिसको समझ पड़े अलबेला। जैसी करनी वैसी भरनी, गुरु हो या चेला। सोने चांदी धन रतनों से, खेल आजीवन खेला, चलने की जब घड़ियाँ आई, संग नहीं चलेगा...
kya bharosa hai is jindagi ka lyrics

क्या भरोसा है इस ज़िंदगी का | Kya Bharosa Hai Is Jindagi Ka Lyrics

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क्या भरोसा है इस ज़िंदगी का साथ देती नहीं यह किसी का सांस रुक जाएगी चलते चलते, शमा बुज जाएगी जलते जलते । दम निकल जायेगा रौशनी का ॥ क्या भरोसा है… हम रहे ना मोहोबत रहेगी, दास्ताँ...
alakh ke amal par lyrics

अलख के अमल पर | Alakh Ke Amal Par Lyrics

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अलख के अमल पर चडे योगीयो को जणाये तरण सम जगत बादशाही अमल कि वो यारो खुमारी ना उतरे अदल शहेनशाही को परवा न कोइ अलख के अमल पर चडे योगीयो को हे तुष्णां भीखारी जो...

अलख तूने खेल बनाया भारी | Alakh Tune Khel Banaya Bhari Lyrics

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अलख तूने खेल बनाया भारी गुरूजी तेरी लीला अपरंपारी , इस काया में पास तत्व है दुग्धा उनमे नारी , पचीस प्रकृति साथ रखे वो ऐसी है बिस्तारी , अलख तूने खेल बनाया भारी , पांच पचीस मिल...

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी | Shree Krishn Goving Hare Murari Lyrics

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श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी , हे नाथ नारायण वासुदेवा , पितृ मात स्वामी, सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥  श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥ बंदी गृह के, तुम अवतारी , कही जन्मे,...

जपले हरी का नाम | Jap Le Hari Ka Nam Lyrics

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जपले हरी का नाम ,मनवा जपले हरी का नाम , उसके नामसे बन जायेगे ,तेरे बिगड़े काम | नाम वो धन है जो ,निर्धन को धनवान बनादे , नामही नरको नारायण की,एक पहेचान करादे...

अलख मिलन के काज फकीरी | Alakh Milan Ke Kaj Fakiri Lyrics

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अलख मिलन के काज फकीरी , लेके फिरू में जंगल में , तेरी सीकल के काज फकीरी , लेके फिरू में जंगल में , तुही तुही तार लगी दिल अंदर , रहु सदा...

जो आनंद संत फ़क़ीर करे | Jo Anand Sant Fakir Kare Lyrics

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जो आनंद संत फ़क़ीर करे वो आनंद नाही अमीरी में , सुख दुःखमें समता साध रखे कुछ खौफ नाही जागीरी में , जो आनंद संत फ़क़ीर करे । हर रंग में सेवक रूप रहे अम्रित जल का...
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