जपले हरी का नाम | Jap Le Hari Ka Nam Lyrics

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जपले हरी का नाम ,मनवा जपले हरी का नाम , उसके नामसे बन जायेगे ,तेरे बिगड़े काम | नाम वो धन है जो ,निर्धन को धनवान बनादे , नामही नरको नारायण की,एक पहेचान करादे...

दुनिया दो दिन का है मेला | Duniya Do Din Ka Hai Mela Lyrics

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दुनिया दो दिन का है मेला, जिसको समझ पड़े अलबेला। जैसी करनी वैसी भरनी, गुरु हो या चेला। सोने चांदी धन रतनों से, खेल आजीवन खेला, चलने की जब घड़ियाँ आई, संग नहीं चलेगा...
man lagyo mero yaar fakiri lyrics

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी | Man Lagyo Mero Yaar Fakiri Lyrics

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मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में जो सुख पाऊँ राम भजन में सो सुख नाहिं अमीरी में मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में भला बुरा सब का सुनलीजै कर गुजरान ग़रीबी...

मन की तरंग मार लो | Man Ki Tarang Marlo Bas Ho Gaya Bhajan

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मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन। आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥ आये हो तुम कहा से, जाओगे तुम कहाँ। इतना ही विचार लो, बस हो गया भजन॥ कोई तुम्हे...
alakh ke amal par lyrics

अलख के अमल पर | Alakh Ke Amal Par Lyrics

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अलख के अमल पर चडे योगीयो को जणाये तरण सम जगत बादशाही अमल कि वो यारो खुमारी ना उतरे अदल शहेनशाही को परवा न कोइ अलख के अमल पर चडे योगीयो को हे तुष्णां भीखारी जो...
Vaishnav Jan Lyrics

वैष्णव जन तो | Vaishnav Jan To Tene Re Kahiye Lyrics | Narshih Maheta

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वैष्णव जन तो तेने रे कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे वैष्णव जन तो तेने रे कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे पर दुखे उपकार करे तोये मन अभिमान न आणे रे सकल लोक...

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी | Shree Krishn Goving Hare Murari Lyrics

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श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी , हे नाथ नारायण वासुदेवा , पितृ मात स्वामी, सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥  श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥ बंदी गृह के, तुम अवतारी , कही जन्मे,...

जो आनंद संत फ़क़ीर करे | Jo Anand Sant Fakir Kare Lyrics

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जो आनंद संत फ़क़ीर करे वो आनंद नाही अमीरी में , सुख दुःखमें समता साध रखे कुछ खौफ नाही जागीरी में , जो आनंद संत फ़क़ीर करे । हर रंग में सेवक रूप रहे अम्रित जल का...

अलख मिलन के काज फकीरी | Alakh Milan Ke Kaj Fakiri Lyrics

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अलख मिलन के काज फकीरी , लेके फिरू में जंगल में , तेरी सीकल के काज फकीरी , लेके फिरू में जंगल में , तुही तुही तार लगी दिल अंदर , रहु सदा...

मंगल भवन अमंगल हारी | Mangal Bhavan Amangal Hari Lyrics

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मंगल भवन अमंगल हारी , द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी , राम सिया राम सिया राम जय जय राम , हो, होइहै वही जो राम रचि राखा , को करे तरफ़ बढ़ाए साखा , हो, धीरज धरम...
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